न डगमगा पाया 280/160 ब्लड-प्रेशर भी

एक बंदे से मुलाकात हुई – बातों बातों में पता चला कि उस का ब्लड-प्रैशर 280/160 तक चला जाता है। बता रहा था कि उस के पास इस का पूरा रिकार्ड है। उस का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है …और उस के पास पी जी आई के विभिन्न विभागों के 21 ओ पी डी कार्ड हैं।
बता रहा था कि उस के ऊपर तो पी जी आई में रिसर्च चल रही है…कि आखिर इतने ज़्यादा रक्त चाप के साथ यह बंदा आखिर ज़िंदा कैसे है! जब पहली बार उस का ब्लड-प्रैशर देखा जा रहा था तो बी पी एपरेटस का मरक्यूरी ब्लब ही फट गया था….और डाक्टर ने बार बार मशीन बदल कर चार बार उस का रक्तचाप जांचा …इस बात से आश्वस्त होने के लिये कि कहीं मशीन में तो कोई खराबी नहीं है।
बड़ा हिम्मत वाला था … बताने लगा कि पांच बार तो आप्रेशन हो चुके हैं … किडनी का भी दो बार आप्रेशन हो चुका है …आंखों के आप्रेशन होने की भी बात कर रहा था ….
उस ने बताया कि पी जी आई चंडीगढ़ के रिसर्च विभाग वालों ने तो उस की सी.डी तैयार की है कि इतने ज़्यादा ब्लड-प्रेशर वाला इंसान जिस के गुर्दे पर बी पी की मार पड़ चुकी है, जिसे हार्ट अटैक हो चुका है….इतने ज़्यादा बी पी के साथ आखिर यह ज़िंदा कैसे है !!
बता रहा था कि जब पहली बार पी जी आई में उस का बीपी चैक किया जा रहा था तो इतनी ज़्यादा रीडिंग देख कर डाक्टर के होश-फाख्ता उड़ गये। डाक्टर ने इस से पूछा कि आप को क्या महसूस हो रहा है, इस ने जवाब दिया – मेरे बस हाथ कांप रहे हैं। तो डाक्टर ने जवाब दिया … नहीं, नहीं, हाथ आप के नहीं, मेरे कांप रहे हैं।
उस ने बताया कि एक बार मेरा बी पी देखने के बाद मुझे डाक्टर ने भर्ती हो जाने के लिये कहा …मैंने मना किया तो उस ने जवाब दिया कि अगर ऐसा नहीं करोगे तो अगले छः घंटों में तुम्हें दिल को दौरा पड़ जाएगा। खैर, वह पांच छः दिन दाखिल रहा ….बी पी को दवाईयों से कंट्रोल किया गया ….जब वह अपनी वापिसी यात्रा के लिये गाड़ी में बैठा तो एक ही घंटे बाद उस दिल का दौरा पड़ गया।
बंदा का आत्म-विश्वास गजब का था….मैंने उस का मनोबल बढ़ाने के लिये पूछा कि आप कहीं सत्संग आदि में जाते हैं …. तो उस ने बड़ी हर्ष से यह उत्तर दिया — हां, हां, सत्संग में तो मैं नियमित जाता ही हूं …और कहने लगा कि पी जी आई वाले डाक्टरों ने भी आखिर मुझे यही कहा है कि देखो— दवाई नियमित लेते रहो, परहेज़ करो और तनाव-मुक्त रहा करो और ईश्वर से प्रार्थना किया करो ….जहां भी तुम्हारी आस्था है, उस के साथ लगे रहो………………………….(जब वह मुझे ये बातें बता रहा था तो उस की आंखों की चमक मानो यह कही रही थी कि जो बात दवा से नहीं होती, कईं बार दुआ से हो जाती है!!) ……………मैं भी उस के सेहतमंद लंबे जीवन के लिये कामना कर रहा था।
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