अब डाक्टरों ने भी निर्मल बाबा को लिया आड़े हाथों

मैं कईं बार सोचता हूं कि किसी के दिन बुरे नहीं होने चाहिए…. अभी कुछ दिन पहले ही किसी के नाम की तूती बोल रही थी तो मीडिया ने ऐसा भंडा-फोड़ किया कि अब हर दिन नईं नईं किस्से सुनने को मिल रहे हैं।
कल रात मेरी मां बता रही थीं कि छत्तीसगढ़ में एक महिला को उन्होंने टीवी पर कहते सुना है कि यह निर्मल सिंह नरूला उन के यहां किराये पर रहता था और छः महीने का किराया नहीं भरा। अलग अलग स्टोरियां सुनने का आ रही हैं।
लेकिन डाक्टरों का निर्मल बाबा के तथाकथित “ मैडीकल चमत्कारों” पर अपनी जुबान खोलने के भी बड़े वाजिब से कारण हैं। इंडियन मैडीकल एसोसिएशन ने कहा है कि उसे बाबा के द्वारा किये जा रहे चमत्कारों की गारंटी की शिकायतें मिलती रही हैं…….इसलिये वह यह मांग कर रहे हैं कि बाबा के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए।
एसोसिएशन को एक शिकायत मिली कि किसी मधुमेह से ग्रस्त भक्त को बाबा ने सलाह दी कि जाओ, खीर खाओ ….रूकी हुई कृपा आनी शुरू हो जायेगी।
मुद्दा बहुत बड़ा है, विचार करने योग्य है, सोचने की बात है कि आखिर लोग इस तरह के झांसों में आ कैसे जाते हैं। किरण बेदी की एक बहुत सुंदर किताब है ….कसूर किसका? ……..मुझे भी यह लिखते हुए यही ध्यान आ रहा है …कसूर किसका? —-आपका, मेरा, बाबा का, हम सब का ? …..शायद हम सब का ….जो अकसर कहीं पर भी कुछ गलत देख कर भी अनदेखा करते रहते हैं ….यही सोच कर कि यह मेरे साथ थोड़े ही हो रहा है…….बस, हमारी यही कमी समाज को चैन से जीने नहीं देती

Source : Doctors not amused at Baba’s miracle cure (The Hindu, Tuesday, April17′ 2012)

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