गोरा बनने के जुनून की इंतहा …स्वयं देखिए

इस देश में गोरा रंग पसंद किया जाता है …इस को हम सब जानते हैं। किस तरह से रंग गोरे करने वाली क्रीमें बिकती हैं…झूठे वायदे, झूठे झांसे… विज्ञापनों द्वारा हर तरह का भावनात्मक शोषण किया जाता है कि किसी तरह से बस कंपनी की रंग गोरा करने वाली क्रीमें बिक जाएं। और तो और अब तो पुरूषों के लिये भी रंग गोरा करने वाली क्रीमें आ गई हैं।

बस हम इन गोरा करने वाली क्रीमों के बारे में इतना ही जानते हैं ना……….तो फिर एक बात मेरी भी सुनिये। कभी कभी बीबीसी न्यूज़ भी देखा कीजिए—यह हमें ऐसी ऐसी बातें बताती हैं जो हमारे लिये वास्तव में न्यूज़ होती हैं।

आज सुबह जब मैंने हिंदोस्तानीयों के गोरेपन के प्रेम के ऊपर बीबीसी पर एक लेख देखा तो यही सोचा कि होगा इसी के बारे में कि हम लोग किस कद्र गोरी त्वचा को पाने के लिये आतुर हो जाते हैं ओर इस के लिये कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। सुबह जल्दी थी ड्यूटी पर जाने की …ज़्यादा ध्यान से पढ़ नहीं पाया, शाम को ध्यान आया कि थोड़ा देखूं तो सही हमारे गोरेपन की बातें बीबीसी न्यूज़ पर आखिर क्यों डिस्कस की जा रही हैं।

बात समझ में आते देर न लगी …क्योंकि बात वही भारतीयों के गोरे होने के जुनून की। और साथ में लेखक ने एक वीडियो बारे में भी बता दिया कि उस की मित्र ने उसे लिंक भेजा था कि किस तरह यह गोरेपन का क्रेज़ भारतीय महिलाओं के प्राईव्हेट पार्ट्स को गोरा करने तक पहुंच गया है।

ज़ाहिर सी बात है बड़ा अजीब सा लगा …वैसे मैंने तो इस तरह का विज्ञापन कभी देखा नहीं। न ही उस बीबीसी न्यूज़-स्टोरी में उस का कोई लिंक ही दिया गया था। यू-ट्यूब पर जब जाकर सर्च किया तो यह विज्ञापन दिख ही गया, इसे यहां दे रहा हूं….इस यू-ट्यूब वीडियो के साथ जो विवरण लिखा गया है, उसे भी पढ़ने पर बात पूरी स्पष्ट हो जाएगी।

अब जब एक बार आप इस विज्ञापन को देख लेंगे तो उस के बाद भी क्या मेरे कहने लायक कुछ रह जायेगा। यह विज्ञापन ही बहुत कुछ कह देगा और फिर भी कुछ ज़्यादा विस्तार से पढ़ना चाहें तो इस लिंक पर क्लिक कर के अंग्रेज़ी में देख लिजियेगा … Has skin Whitening in India gone too far?

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